सीधा आरोप,गंभीर आरोप न्यायपालिका पर? क्या होगी कार्यवाही या मात्र जनसामान्य को डराने के लिए है अदालतें ?
हम सुप्रीम कोर्ट के जाने माने वकील प्रशांत भूषण का सोशल मीडिया मंचों पर वायरल वीडियो का लिंक प्रस्तुत कर रहे है, प्रस्तुत लिंक यदि तकनीकी कारणों से न खुले तो एक बार कॉपी पेस्ट कर लीजिए !
वीडियो अनुसार प्रशांत भूषण ने न्यायपालिका पर अत्यधिक गंभीर आरोप लगाया है कि न्यायपालिका अब कम्युनल हो गई है !
यदि ये ही आरोप देश की न्यायालिका पर खुलेआम सोशल मीडिया मंचों पर कोई जनसामान्य व्यक्ति लगाएगा ?तो शायद अभी तक गिरफ्तार हो चुका होता ? क्या देश की न्यायालिका खुद को बेबस पाती है ऐसे लोगों पर कार्यवाही करने में ?
या न्यायपालिका पर आरोप लगाने का अधिकार केवल काला कोट पहनने वालों को खुली छूट है ?
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