क्या CMD चेयरमैन संजय दुबे का भाजपा प्रवेश भी काम न आया ?
बिलासपुर : CMD कॉलेज के चेयरमैन संजय दुबे ने कुछ समय पहले भाजपा प्रवेश कर सबको चौंका दिया था, क्योंकि यह परिवार पिछले कई दशकों से कांग्रेस समर्थक परिवार रहा है ! इससे पूर्व भाजपा की सत्ता होते हुए भी CMD कालेज से लगी दुकानों के निर्माण में भी शिकायतें हुई थी, तात्कालिक सता में सब कुछ सेटिंग से मामला खत्म हो गया था,
लेकिन,अब गोलबाजार स्थित दो मंजिला अवैध निर्माण पर संजय दुबे लगातार मीडिया की सुर्खिया बन रहा है मामला मंत्रालय स्तर पर संज्ञान में आने पर बिलासपुर में नगर निगम स्तर पर हुई सेटिंग धराशाही नजर आती है !
बीच गोलबाजार में हुए अवैध निर्माण ऑन निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर राजधानी तक बवाल मच गया है। नगरीय प्रशासन मंत्रालय के अफसरो ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये निगम के अफसरो से इसको लेकर जवाब- तलब कर नाराजगी जताते हुए मामले से जुड़े समस्त दस्तावेज प्रस्तुत करने निर्देश दिये है।
मामले के तूल पकड़ने के बाद निगम के जिम्मेदारों की जमकर खिंचाई हो रही कि फिर वे देख और कर क्या रहे है, राजधनी तक मामला पहुचने के बाद खलबली मच गई है, राजधानी के नगरीय प्रशासन विभाग के अफसर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये निगम के अफसरो से जवाब- तलब किया कि बीच गोलबाजार में आखिर बिना अनुमति के ये भवन कैसे खड़े हो गया, आप लोग क्या देख रहे है, अभी तक भवन निर्माता संजय दुबे पिता भागवत प्रसाद दुबे के खिलाफ कार्रवाई क्या की गई है।
भवन शाखा अधिकारी अनुपम तिवारी ने बताया कि इस काम्प्लेक्स में आगजनी की घटना हुई थी, जिसके बाद एक सिंपल मरम्मत का आवेदन दिया गया था, भवन निर्माता ने ग्रीन नेट लगाकर फिर यहाँ दो मंजिला काम्प्लेक्स खड़ा कर लिया, जिसका काम रुकवाकर भवन निर्माणकर्ता को नोटिस जारी किया गया है, इसके बाद उन्होंने भवन अनुज्ञा के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है। मंत्रालय के अफसरो ने प्रदेश के दुसरे बड़े शहर के नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिये है।





सूत्र बताते है कि, बिलासपुर नगर निगम स्तर पर सेटिंग से तो पूरे बिलासपुर में अवैध निर्माण के मामले भरे पड़े है,शायद ही कोई निर्माण ऐसा हो ?जो नगर निगम की अनुमति अनुसार नक्शे के अनुरूप निर्माण हुआ हो ,? लेकिन अबकी बार मामला गड़बड़ नजर आता है वजह मीडिया की सुर्खियों में बने रहना ओर शिकायत कर्ता द्वारा लगातार मामले में मंत्रालय स्तर पर लिखा पढ़ी करते रहना ! अक्सर लोग एक बार शिकायत कर कार्यवाही नहीं होने पर मामले को भूल जाते है लेकिन अबकी बार ऐसा होते दिखता नहीं है ?फिर भी,शायद, चढ़ावा सब कुछ करवा देगा ?


