जिहादियों की बल्ले बल्ले रोकने हेतु,आदिवासी नेता,सामाजिक पदाधिकारियों को सक्रिय होने की जरूरत !

जिहादियों की बल्ले बल्ले रोकने हेतु,आदिवासी नेता,सामाजिक पदाधिकारियों को सक्रिय होने की जरूरत !

जिहादियों की बल्ले बल्ले रोकने आदिवासी समाज के मुखिया /नेता सक्रिय हो जाए !
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दारोनापाल (,सुकमा) बस्तर क्षेत्र में रोहिग्याओ की बड़ी आमद शुरू ही गई है, झारखंड के संथाल क्षेत्र की तरह यहां भी बड़े पैमाने पर स्थानीय आदिवासी युवतियों से ये लोग लब जिहाद कर उनकी जमीनों पर कब्जा करेगे, बेतहाशा बच्चे पैदा करेगे, ओर चूंकि महिला आदिवासी या आरक्षित वर्ग की होगी, तो सभी शासकीय योजनाओं का लाभ भी लेंगे अपनी आदिवासी पत्नियों को चुनाव लड़वायेगे और सत्ता हथिया कर, राज जिहादी करेगे,
जिहादियों की बल्ले बल्ले रोकने के लिए सभी आदिवासी समाज के पदाधिकारियों /,नेताओ को समय रहते अधिक से अधिक अपने आदिवासी समाज को जिहादियों के चंगुल में आने से बचाना ही होगा !अन्यथा प्रदेश में आदिवासी समाज इतिहास की बात हो जायेगी !
इस चिंता को समय से समझाते हुए दारोनापाल सुकमा क्षेत्र में सक्रिय “यूथ हिन्दू संगठन” ने ज्ञापन देते हुए बड़ी संख्या में बाहरी लोगो का, रोहिंग्याओ का बस्तर के दारोनापाल सुकमा क्षेत्र में आकर रहने वाले लोगो की जांच पड़ताल कार्यवाही की मांग स्थानीय प्रशासन से की है !
साथ ही “यूथ हिन्दू संगठन” भी बराबर इस क्षेत्र में डेमोग्राफी बदलने वाली जिहादी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है ! सरकार और आदिवासियों नेता,आदिवासियों के क्षेत्रीय सामाजिक पदाधिकारियों को भी सक्रिय होकर इस व्यापक समस्या की ओर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है !

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