कोंटा सुकमा के चारो पत्रकारों को BJP सरकार में मिला त्वरित न्याय,लेकिन,आंध्र पुलिस ने भेजा जेल !

कोंटा सुकमा के चारो पत्रकारों को BJP सरकार में मिला त्वरित न्याय,लेकिन,आंध्र पुलिस ने भेजा जेल !

कोंटा, सुकमा में एक रहस्यमय घटना में छत्तीसगढ़ के 4 पत्रकारों को कोंटा सुकमा जिले के बॉर्डर से सटे आंध्रा प्रदेश पुलिस थाना चिंतुर ने आखिरकार NDPS एक्ट में आरोपी बनाकर जेल भेज दिया है, इधर छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार ने पत्रकारों से त्वरित न्याय करते हुए कोंटा,सुकमा थाना प्रभारी अजय सोनकर को भले ही 24 घंटे के भीतर, ही एसडीओपी सुकमा से प्रारंभिक जांच करा,निलंबित कर दिया हो ?लेकिन,आंध्र प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तार चारो पत्रकारों के लिए इंसाफ अभी अधूरा है, NDPS एक्ट में जेल जाने पर अभियोजन कितना भी कमजोर क्यों न हो ? एकाध महीना तो जमानत में लग ही जाता है, उसके वावजूद कितनी असहनीय स्थिति से गुजरना पड़ेगा इन चारो पत्रकारों को,परिवार टूट जाते है,बर्बाद हो जाते है ये कोंटा थाना प्रभारी ने अपनी अवेध रेट परिवहन से अवैध कमाई के चक्कर में पदीय जुल्मों सितम की इंतहा कर डाली है !NDPS एक्ट के तहत FIR होने के बाद, रद्द करानाकेवल हाई कोर्ट में या शासन द्वारा अभियोजन वापिस लेने के आधार पर ही संभव है !मामले में पेंच तो बहुत है, कोंटा थाना प्रभारी के खिलाफ एसडीओपी जांच में प्रथम दृष्टया तो थाना प्रभारी का संदेही होना पाया जाना,सीसीटीवी हार्ड डिस्क से रिकर्डिंग को नष्ट करना,जहा पत्रकार ठहरे थे उस लॉज में गैरकानूनी तरीके से रोजनामचा में रवानगी दर्ज किए बिना जाना ! इन सबके वावजूद, मिडिया में 40 किलो गांजा पत्रकारों की कार में प्लांट करने का दावा यदि सही है तो आंध्र प्रदेश पुलिस द्वारा 5/5 किलो के तीन पैकेट की बारादमगी FIR में दर्ज करना ? साथ ही गिरफ्तार चारो पत्रकारों ने जिन दो लोगो पर कोंटा थाना प्रभारी के साथ मिलीभगत का जो आरोप / संदेह व्यक्त किया है, इरशाद और पवन, को भी आंध्र प्रदेश पुलिस ने इन दोनो को भी चारो पत्रकारों के साथ आरोपी बनाया है ! सूत्र बताते हैं कि ये इरशाद और पवन थाना स्तर पर सेटिंग वाले स्थानीय पत्रकार है ? जब उनके क्षेत्र में ये गिरफ्तार किए चारो पत्रकार अवैध रेत परिवहन का खुलासा करने गए तो कोंटा थाना प्रभारी ओर इरशाद,पवन को अपनी अवेध कमाई पर व्हाट लगती महसूस हुई और ये कांड हो गया ?नोट : कोंटा(सुकमा) थाना प्रभारी पर FIR ओर जेल भेजने की आधिकारिक पुष्टि अभी नही हुई है, कई न्यूज पोर्टल्स में जरूर दावे किए जा रहे हमारे पास कोंटा थाना प्रभारी के निलंबन का अधिकृत जानकारी मात्र है !

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