वफ्फ पर “रार”,एकमात्र समाधान !
वफ्फ एक्ट संशोधन बिल पर बिलासपुर से
“पवन गोयल” के विचार !
यह तो साफ हो चुका है कि राहुल गांधी सहित समूचा विपक्ष आजकल संविधान की प्रतिलिपि लिए घूमता है, ओर मुस्लिम समुदाय भी बात जब “जय भीम,जय मीम” की हो तो संविधान की दुहाई देता है ?लेकिन असल मायने में कांग्रेस हो या विपक्ष हो मुस्लिम हो ?जब सामना करना हो संविधान का तो बात शरिया की तरह मोड़ दी जाती है ?
संविधान ही तो कहता है कि किसी भी संपति के मालिकाना हक अधिकार के कागच दिखाने होंगे ! फिर वफ्फ एक्ट में बदलाव हेतु इतने सारे संशोधन की जरूरत ही नही ! भारत का संविधान ही तो कहता है कि भारत में संपति के मालिकाना हक अधिकार का स्वामित्व,अधिपत्य के कागच ये 4/5 प्रकार के ही तो होते है ?
पंजीकृत सेल डिड अर्थात विक्रय पत्र,
वसीयत पत्र
पंजीकृत दान पत्र
पंजीकृत गिफ्ट डिड
पंजीकृत पावर ऑफ अटॉर्नी
इनके अलावा कोई दस्तावेज भारत मे अचल सम्पत्ति के संबंध में मालिकाना हक अधिकार प्रदान करते नही है, जिंदल मामले में भी सुप्रीम कोर्ट का यही तो फैसला आया वफ्फ के खिलाफ, कि कागच दिखाने होंगे ! अभी कुछ ही दिन पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में माननीय न्यायाधीश सरदार अहलूवालिया जी की कोर्ट में में भी तो वफ्फ के नोटिस पर हाई कोर्ट ने फटकारते हुए ये ही कहा कि “कागच दिखाओ”
सुनो, राहुल गांधी,
सुनो समूचे विपक्षी दलों के मुगल समर्थक,
सुनो, वफ्फ एक्ट वालो
कागच तो दिखाने होंगे !
ये अलग बात है कि आप लोग जहा मर्जी आया?जमीनों पर कब्जे करते गए, ओर देश के सोए हुए हिन्दू “भाईचारा” निभाते गए !
किसी ने नही पूछा, कागच दिखाओ, क्योंकि, हमारे अधिकांश हिन्दू अधिकारी ही गद्दार है,वो किसी गरीब की झोपड़ी के कागच देखने तो पहुंच जायेगे लेकिन किसी अवैध मजार,मस्जिद,मदरसा के कागच चेक करने कभी नही गए ? देश संविधान की नही, देश कानून की नही, देश गद्दारी की सजा भुगत रहा है ? गद्दार भी केवल हिन्दू अधिकारी !
वफ्फ एक्ट में एकमात्र संशोधन की जरूरत है, “कागच दिखाने होंगे”
किसी भी अन्य संशोधन की जरूरत नही है ! ओर इस एकमात्र विषय /संशोधन पर राहुल गांधी/कांग्रेस/मुगलों के समर्थक विपक्षी राजनीतिक दलों के लोग समर्थन नही करते तो देश की अदालतें बखूबी कर ही रही है ?
फर्जी संविधान रक्षक बनकर घूमता रहे राहुल गांधी देश जान चुका है ! कि, गांधी नाम ही महात्मा गांधी वाला गांधी नही है ?ये तो नाम भी फर्जी धारण किए घूम रहा है ?
