बचपन में अवॉर्ड,जवानी में बंदूक,भयभीत देश के गद्दार,बिश्नोई समाज के लिए गौरव की है बात !

जब कोई साधारण व्यक्ति CM/PM बनता है या कोई राष्ट्रीय /अंतरराष्ट्रीय स्तर की सफलता प्राप्त करते है तो लोग उत्सुक हो जाते है ऐसे लोगो के बचपन से लेकर वर्तमान तक का सफर के बारे में, आज देश ही नहीं कनाडा,अमेरिका तक में लारेंस विश्नोई का खोप यू ही नहीं है ! आजादी की लड़ाई पश्चात दुर्लभ देशभक्त जो मिला है देश को, बहुत कम लोग जानते है कि,लारेंस विश्नोई को बचपन के स्कूली दिनों में अवॉर्ड प्राप्त हुए है, लेकिन, देशभक्ति और विश्नोई समाज के जीव रक्षा के सामाजिक सिद्धांत ने लारेंस को जवानी में बंदूक संभालनी पड़ी ? विभिन्न राज्यों की पुलिस के इन दावों में भी हमे दम नजर आता नहीं ?क्योंकि अभी दो दिन पहले ही पंजाब में घटित एक मामले में गवाहों ने लारेंस को घटना में शामिल होने से इनकार करते हुए लारेंस को आरोपी के रूप में पहचानने से इनकार कर दिया है ! ओर माननीय न्यायालय ने उक्त प्रकरण में लारेंस को बाईज्जत बरी किया है !
लारेंस विश्नोई को राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मिला दीपोत्सव पुरस्कार !
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आखिल भारतीय जीव रक्षा विश्नोई सभा द्वारा लारेंस विश्नोई को युवा मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनीत कर दीपोत्सव का पुरस्कार दिया है !
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आजादी के बाद देशभर में जिहादी गैंग के विरुद्ध सीना तान कर खड़ा होना वाला ये दुर्लभ योद्धा ने देश के गद्दारों के विरुद्ध मोर्चा खोल रखा है ! जिससे देश के दुश्मनों /गद्दारों सहित जिहादी गैंग में हड़कंप मचा है !
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देश का पहला ओर अंतिम समुदाय विश्नोई समुदाय है,जिनकी सर्वमान्य माता अमृता देवी विश्नोई के साथ विश्नोई समुदाय की 363 माता /बहनों ने भी सन 1730 में खेजड़ी के वृक्षों को कटने से बचाने हेतु अपने प्राणों की आहुति दी थी !
ऐसा अति दुर्लभ उदाहरण /घटना विश्व के किसी परिदृश्य में देखने को नहीं मिलेगी !
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बिश्नोई समुदाय जीव दया पालनी के सिद्धांत और गुरु जम्भेश्वर महाराज के आदर्श /सिद्धांतों पर चलते हुए कलियुग में भी जीव रक्षा की अटल प्रतिज्ञा को निभाए हुए है !
आखिल भारतीय जीव रक्षा विश्नोई सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री इंद्रपाल विश्नोई ने लारेंस विश्नोई को युवा मोर्चा में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर मनोनीत कर, जीव रक्षा हेतु एक योद्धा को जिम्मेदारी देकर एक तरह से दीपोत्सव पुरस्कार से सम्मानित किया है ! जिससे देश के सभी सनातनियों में लारेंस विश्नोई को फूल स्पोर्ट के साथ खुशी की लहर है !
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“सत्ता से सवाल”
लारेंस विश्नोई को जीव रक्षक ओर देशभक्त,समाजसेवक के रूप में देखता है तथा लारेंस विश्नोई के लिए दीर्घायु की हार्दिक शुभकामना प्रेषित करते है !
अब तो कुछ सनातनियों से एक स्लोगन भी सुनने को मिल रहा है !
“घर घर लारेंस निकलेगा
देश का गद्दार भागेगा !”
सनातनियों के इस स्लोगन में कही भी किसी भी समुदाय/जाति,संप्रदाय विशेष का उल्लेख नहीं होने की वजह से किसी को क्या तकलीफ हो सकती है ?
