क्या पदीय ताकत और प्रशासनिक प्रश्रय की हुड़की देकर किया मंदिर की करोड़ो की जमीन पर अवैध कब्जा ?
राजनीतिक,प्रशासनिक पहुंच की हुड़की देकर किया मंदिर पर कब्जा ?सवालों के घेरे में है तथाकथित सुरेश तिवारी ?
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कौन है सुरेश तिवारी जो शिकायतकर्ता के अनुसार नगर निगम बिलासपुर में पदस्थ है !
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शिकायत कर्ता विकास टेकचंदानी अनुसार गोल बाजार बिलासपुर में स्थित हिंदुओ की आस्था के केंद्र लगभग 100 साल पुराने दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर जो कि नगर निगम बिलासपुर की शासकीय भूमि पर स्थित बताया जाता है, उक्त मंदिर को आमजन हिन्दू भक्तों के लिए निजी आर्थिक हित लाभ के लिए व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है ! अधर्म की लीला यह है कि उक्त मंदिर पर स्थाई अवैध कब्जा करने की नियत से मंदिर में प्राण प्रतिष्ठित हनुमान जी की पूजा,आरती जो कि रोज होना चाहिए,वो भी बंद कर दी गई है ताकि,धीरे धीरे समय के साथ गोल बाजार के लोगो को विस्मृत हो जाए कि यहां भी कभी कोई मंदिर भी था ?
विकास टेकचंदानी ने कलेक्टर बिलासपुर को दो बार लिखित किया है लेकिन न जांच हुआ और न कार्यवाही कर उक्त सार्वजनिक मंदिर से अवैध कब्जा हटवाया गया !
थक हार कर विकास टेकचंदानी ने व्यापक जनहित ओर हिंदुओ की आस्था का विषय होने के कारण अब हिन्दू संगठनों से संपर्क कर आंदोलन की अपील करते हुए इस मन्दिर से अवैध,निजी कब्जा हटवाकर, उचित रख रखाव के अभाव में जीर्ण शीर्ण हो चुके मंदिर का जीर्णोद्वार करने की अपील हिन्दू संगठनों से की है !
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सर्वविदित है कि गोल बाजार स्थित इस मंदिर की जमीन कितनी कीमती है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपों के अनुसार सुरेश तिवारी किराए के रूप में ही 40हजार रु महीना कमा रहा है ओर मंदिर व्यवस्था पर एक रुपया भी खर्च करना तो दूर मंदिर में नियमित पूजा पाठ ही बंद कर दिया ! ताकि, मंदिर के स्थान पर व्यवसायिक गतिविधियों के चलते लोग मंदिर को भूल जाए !





