निडर,निष्पक्ष पत्रकार को बदनाम करने वाले हो जाए सावधान !
विज्ञप्ति: पत्रकारिता की शुचिता और सामाजिक मूल्यों के हनन के विरुद्ध शंखनाद !
निडरता,निष्पक्षता के साथ पत्रकारिता करने वाली पत्रकार मीनू साहू को बेवजह बदनाम करने वाले हो जाए सावधान ! लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की प्रहरी मीनू साहू की कलम को झूठे,आधारहीन,साक्ष्यों विहीन आरोपो से दबाने की कोशिश न करे !
छत्तीसगढ़: प्रेस रिपोर्टर क्लब की छवि धूमिल करने वाले तत्वों को संगठन की दो-टूक चेतावनी
बिलासपुर : छत्तीसगढ़ में प्रेस रिपोर्टर क्लब की गरिमा और प्रतिष्ठा को कलंकित करने के ध्येय से सोशल मीडिया एवं व्हाट्सएप के माध्यम से प्रसारित की जा रही भ्रामक एवं निराधार सूचनाओं का प्रकरण अब अत्यंत गंभीर स्वरूप धारण कर चुका है। संगठन ने इसे एक सुनियोजित और दुर्भावनापूर्ण षड्यंत्र की संज्ञा देते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसी अनैतिक गतिविधियाँ न केवल चौथे स्तंभ की साख पर प्रहार करती हैं, अपितु लोक-मानस में व्यापक संभ्रम की स्थिति उत्पन्न कर रही हैं।
प्रदेश अध्यक्ष श्री संजय सोनी ने अत्यंत कड़े स्वर में इस कुत्सित प्रयास की भर्त्सना करते हुए कहा कि क्लब की उज्ज्वल छवि को धूमिल करने की किसी भी चेष्टा को अब किंचित मात्र भी सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने रेखांकित किया कि जिन पोस्टों में संगठन के नाम का अनधिकृत उपयोग हो रहा है, उनका कोई प्रामाणिक आधार नहीं है और ये कृत्य पूर्णतः अनुत्तरदायी एवं वैधानिक मर्यादाओं के विपरीत हैं।
कुत्सित मानसिकता और पाखंड का पर्दाफाश
इस सम्पूर्ण प्रकरण के केंद्र में बोधन भट्ट नामक व्यक्ति की संलिप्तता अत्यंत शोचनीय है। यह वही व्यक्ति है, जिसका चरित्र पूर्व में भी कलुषित रहा है। विदित हो कि जिले की प्रखर और निष्पक्ष महिला पत्रकार मीनू साहू के साथ अभद्रता करने के परिणामस्वरूप इसे सार्वजनिक रूप से अपमानित होना पड़ा था, जिसकी आधिकारिक शिकायत बालोद थाने में दर्ज है। आश्चर्य का विषय है कि विधि-व्यवस्था का अनुपालन कराने वाली पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं, जिसने ऐसे असामाजिक तत्व को संरक्षण देते हुए दंडमुक्त छोड़ दिया।
“बोधन भट्ट जैसे व्यक्ति जो स्वयं को तथाकथित रूप से हिंदू संगठनों से संबद्ध बताते हैं, उनके आचरण और संस्कारों में सभ्यता का लेशमात्र भी अंश दिखाई नहीं देता। नारी शक्ति का अनादर करने वाला व्यक्ति किसी भी धर्म या संगठन का प्रतिनिधित्व करने का नैतिक अधिकार नहीं रखता।”
फर्जी डिजिटल माध्यमों से चरित्र हनन का प्रयास
वर्तमान में उक्त व्यक्ति द्वारा एक कूट-रचित (Fictitious) यूट्यूब चैनल के माध्यम से महिला पत्रकार की छवि को आघात पहुँचाने का घृणित खेल खेला जा रहा है। यह एक अत्यंत मेधावी और निर्भीक पत्रकार के विरुद्ध रचा गया छद्म जाल है, जो सदैव सत्य की पक्षधर रही हैं। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, छल-कपट और जालसाजी के माध्यम से उनके विरुद्ध मिथ्या अभियोग (Case) पंजीकृत कराने की योजना बनाई जा रही है।
बोधन भट्ट का व्यक्तित्व विरोधाभासों और प्रपंचों का पुंज प्रतीत होता है—कभी वह धर्म की आड़ में महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करता है, तो कभी स्वयं को अनैतिक व्यवसायों से जोड़कर समाज को भ्रमित करने और आर्थिक दोहन करने का प्रयास करता है। ऐसे व्यक्ति के कुत्सित संस्कारों और विखंडित नैतिकता की समाज को पहचान करनी होगी।
राष्ट्रव्यापी स्तर पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की उद्घोषणा
संगठन ने इस अराजकता के विरुद्ध राज्यव्यापी अभियान छेड़ने का निर्णय लिया है। समस्त जनपदों के थानों में ज्ञापन प्रेषित करने, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क स्थापित करने और इन अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की तैयारी पूर्ण कर ली गई है।
प्रेस रिपोर्टर क्लब यह स्पष्ट करता है कि सत्य की इस लड़ाई में कोई समझौता नहीं होगा। समाज में विश्वास और पारदर्शिता को अक्षुण्ण रखने के लिए भ्रामक प्रचार करने वाले इन ‘डिजिटल ठगों’ को कानून के कटघरे में खड़ा करना अब अपरिहार्य हो गया है।
