सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मी लॉर्ड्स है या न्यायिक सेवक ?

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मी लॉर्ड्स है या न्यायिक सेवक ?

सुप्रीम कोर्ट में बवाल.. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने CJI को दी गाली, उड़ाए कागज, सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा ये Video, देखें !

  • सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हंगामा।
  • याचिकाकर्ता ने किया अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया या सही कहा ? मिस्टर न्यायिक सेवक ?
  • सुरक्षा कर्मियों ने कोर्ट से बाहर निकाला।

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार दिनांक 10/07/2026 को सुनवाई के दौरान एक हैरान कर देने वाली घटना देखने को मिली। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ खुद पैरवी कर रहे एक याचिकाकर्ता प्रबल प्रताप ने अपनी दलील के दौरान वकीलों की तरह me lords, me lords संबोधित न कर अन्ना हजारे फार्मूला अपनाया कि, सरकारी जॉब करने वाले  सभी तो जनता के नौकर है ?

यदि सामाजिक व्यवस्था की दृष्टि से सोचे तो me lords केवल उस स्थिति में हो सकते है जब किसी क्रिमिनल केस में किसी आरोपी का भाग्य लिख रहे हो ? तो क्या ?सिविल प्रकरणो में भी me lords है ?,या me lords कहना उचित है ?विशेषकर उस स्थिति में जब ये कथित माननीय खुद कह चुके है कि वो me lords नहीं है ? माननीय जरूर है ! लेकिन माननीय भी जनता कहेगी कोई जज /जस्टिस  खुद को अपने नाम के साथ माननीय लिखे तो शायद उचित नहीं होगा ?जैसा कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में प्रत्येक जस्टिस की कोर्ट के दरवाजे पर नेम प्लेट के साथ “माननीय” लिखा है ?

क्या प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक लोक सेवक अर्थात जनता के सेवक नहीं है ?

क्या देशभर के समस्त IAS IPS सहित सभी शासकीय सेवक जनता के नौकर नहीं है ?

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिका कर्ता  ने कोर्ट रूम में केस से जुड़े कागजात फेंक दिए और भारत के मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, गालियां दी। इस पूरे हंगामे का वीडियो पर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

पहले जजों को दिया आदेश, फिर किया गाली-गलौच
यह मामला जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ के सामने सुनवाई के लिए आया था। याचिकाकर्ता प्रबल प्रताप ने अपनी याचिका में लखनऊ के विकास नगर के एसीपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। सुनवाई शुरू होते ही उसने कहा, “मिस्टर ज्यूडिशियल सर्वेंट, मैं आपको आदेश देता हूं कि एसीपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दें।”

इस पर जस्टिस विश्वनाथन ने पूछा, “आप हमें आदेश दे रहे हैं?” इसके तुरंत बाद याचिकाकर्ता ने कोर्ट रूम में केस के कागज फेंक दिए और मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के सुरक्षा कर्मियों ने उसे पकड़कर कोर्ट से बाहर ले गए। (Supreme Court Today Viral Video Abuse to CJI) पूरी घटना के दौरान दोनों न्यायाधीश शांत रहे। याचिकाकर्ता को बाहर ले जाने के बाद अदालत ने अन्य मामलों की सुनवाई सामान्य रूप से जारी रखी।

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पिछले साल फेंका था एक ने जूता

गौरतलब है कि इससे पहले 6 अक्टूबर 2025 को भी सुप्रीम कोर्ट में ऐसी ही घटना हुई थी। उस समय एक वकील ने तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की ओर जूता फेंकने की कोशिश की थी। 

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