POK का भारत में विलय कराएगी मोदी नीति ?अमेरिका करेगा समर्थन !
मोदी नीति से प्रभावित अमेरिका भी चाहता है कि पीओके भारत में मिल जाए ताकि चाइना की CPEC पूरी तरह बर्बाद हो जाए, चाइना के अरबों डॉलर डूब जाएं तथा उसकी पहुंच अरब सागर तक न पहुंच सके।
पिछले 2 दिनों मे अमेरिका ने भारत के दिमागी नक्स लियो और विपक्ष को 2 जोरदार लात मारी है…जिसका दर्द आने वाले दिनों मे इनकी चीखों के रूप मे सुनाई देगा…..
:
डोनाल्ड ट्रम्प ने भारतीय चुनाव व्यवस्था की जमकर तारीफ करते हुए अमेरिकी चुनाव मे भी भारतीय EVM और वोटर कार्ड जैसी व्यवस्था को लागू करने की वकालत की….उन्होंने कहा कि….भारत मे पिछले चुनाव मे 64 करोड़ वोटर ने भाग लिया और सभी के पास वोटर ID कार्ड थे….ये साफ़ सुथरी व्यवस्था है और हमे ये व्यवस्था अमेरिका मे भी लागू करनी चाहिए.
:
* दूसरी तरफ….अमेरिकी राजदूत अजीत डोभाल से मुलाकात करते हैं और उसके बाद कश्मीर घूमने जाते हैं…..वहां वो डल झील मे बोटिंग करते हैं….कश्मीर की खूबसूरत वादियों के मजे लेते हैं……और उसके बाद बयान देते हैं…..
“…जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है….ये बेहद खूबसूरत है…भारत सरकार ने कश्मीर की सुरक्षा मे अविश्वसनीय कदम उठाए हैं….अमेरिका अपनी कश्मीर यात्रा नीति मे बदलाव करेगा ताकि ज्यादा से ज्यादा अमेरिकी कश्मीर की इस खूबसूरती का आनंद ले सकें…..”
:
………ये बयान तब आया है जब एक तरफ PoK जल रहा है….और दूसरी तरफ भारतीय कश्मीर मे अमेरिकी राजदूत कश्मीर की खूबसूरती का आनंद ले रहे हैं.
:
……..अब भारत के दिमागी नक्सल और विपक्ष करे तो क्या करे……ये वही कश्मीर है जो 10 साल पहले जल रहा था…भारत के गृहमंत्री वहाँ जा नहीं पा रहे थे……….अब अगर अमेरिकी राजदूत के बयान का समर्थन करेंगे तो उन्हें ये मानना पड़ेगा कि मोदी की कश्मीर नीति बेहतरीन है…….और ऐसा वो कर नहीं सकते……दूसरी तरफ…….
“भारतीय अर्थव्यवस्था मर चुकी है…”
“मैंने भारत पाकिस्तान युद्द रुकवाया…”
…….जैसे ट्रम्प के बयानों पर लहंगा उठाकर नाचने वाले लोग….अब ट्रम्प द्वारा भारत की चुनावी प्रक्रिया की तारीफ का समर्थन भी नहीं कर सकते….क्यूँकी उनका “वोट चोरी” वाला प्रोपगैंडा फेल हो जाएगा…..
……करें तो क्या करें……चोट तो बहुत गहरी लगी है….ना दिखाते बन रहा है…ना छुपाते….लेकिन, दिमागी नक्सलियों ओर देश का गद्दारों की चीखें तो निकलेंगी…..
:
संपादकीय : द्वारा पवन गोयल !
देश हित में मोदी सरकार ने विदेश नीति के संबंध में कई सारे ऐसे फैसले लिए जिससे भारत न 2008 की विश्वव्यापी मंदी से प्रभावित हुआ था ओर न ईरान इजरायल/अमेरिका युद्ध से भारत की जनता पर कोई अतिरिक्त बोझ पड़ने दिया, देश का विपक्ष तो चाहता था कि, ईरान का हॉर्मूज रूट भारत के दिक्कते पैदा करे, ताकि देश के समूचे विपक्ष को मोदी सरकार के विरुद्ध विरोध का एक राजनीतिक हथियार मिल सके ? लेकिन, मोदी सरकार की सफल विदेश नीति ने समस्त विदेशी दुष्प्रभावों से भारत को मुक्त रखा !
“सत्ता से सवाल”
के मुख्य संपादक पवन गोयल का निजी मत है कि,इजराइल में प्रत्येक नागरिक को मिल्ट्री ट्रेनिंग अनिवार्य है ओर भारत में इसी योजना के समतुल्य “अग्निवीर” योजना ! तो क्यों न?कश्मीर क्षेत्र में ही सेना का ट्रेनिंग सेंटर बनाकर, इजरायली जनता को भारत में अग्निविरो के साथ ट्रेंड किया जाए इससे भारत को विदेशी मुद्रा भी मिलेगी और लाखो की संख्या में जब इजराइली भारत के काश्मीर क्षेत्र में ट्रेनिंग लेंगे तो निश्चित रूप से कश्मीर में घूमेंगे भी खरीदी भी करेंगे, फिर कश्मीरी जनता किसी पर पत्थर मारने की शायद ही कोई कश्मीरी हिम्मत करेगा ? सपने में भी नहीं !
जय श्रीराम 🙏
