फिल्म तिरंगा की स्टोरी याद आती है, निगम पार्षदो की जोन कमिश्नर रजना अग्रवाल को हटाने की मांग पर ?
बिलासपुर : जिस प्रकार मोदी जी के विरुद्ध पूरा विपक्ष सहित विदेशी ताकतें एकजुट है, इनका एकमात्र एजेंडा है “मोदी हटाओ”
इसका मतलब यह है कि, मोदी में कुछ तो ऐसा दम है जो कांग्रेसियों सहित पूरे विश्व की राजनीति में उथल पुथल है ?
कुछ इसी तरह का मामला प्रतीत होता है, सकरी जोन कमिश्नर रंजना अग्रवाल को हटाने वास्ते निगम पार्षदो की सामूहिक और व्यापक मुहिम के बारे में ?
इस वर्ष के अंत तक नगर पालिका निगम चुनाव है, पार्षदो को मालूम है कि वर्तमान में से कई चुनाव हारेंगे या कइयों की टिकट कटेगी ! तो क्यों न,विकास की आड़ में अधिक से अधिक खर्च करना, ओर फिर अधिक से अधिक कमीशन पाना यह परिपाटी पुरानी है !
हमे फिल्म तिरंगा की कहानी याद आती है, जिसमे कलाकार राजकुमार जो मुख्य किरदार था ब्रिगेडियर की भूमिका में, उन्होंने अपनी टीम में नाना पाटेकर को चुना, जो कई बार सेंसपेंड हो चुके थे, नाना पाटेकर के विभाग में ही नाना पाटेकर जैसे राष्ट्र भक्त ईमानदार रोल निभाने वाले से उनके विभागीय लोग ही उनके विरुद्ध शिकायते करते रहते थे, जब फिल्म में कलाकार राजकुमार को बीरगेडियर के रूप में उनको अपने साथ जाबांज सहयोगी की जरूरत थी तो उन्होंने ये ही बोला था कि जो भ्रष्ट देशद्रोही ताकतों के बीच इतनी बार सस्पेंड हो चुका हो ?इसका मतलब है कि उनसे ईमानदार और राष्ट्रभक्त कोई नही ?
क्या यही वजह है कि पार्षद एकजुट होकर नगर पालिका निगम सकरी जोन की कमिश्नर रंजना अग्रवाल को हटाने पर तुली है पार्षद लॉबी ? कि इस कमिश्नर महोदया के विरुद्ध पार्षद समूह की दाल नही गल रही ?वैसे भी राजनीति से जुड़े लोगो के आरोप स्वार्थ,लालच से परिपूर्ण होते है ?यदि कमिश्नर पर आरोप जनता के होते तो बात अलग है ?
:
मुख्य आयुक्त, IAS होते है, यदि जनता की या कथित जनप्रतिनिधियों की बात /आरोप/दलीलों/शिकायतों में दम होता तो आयुक्त जरूर सुनते ? पार्षद समूह की यह दलील जनता को और प्रशासनिक अधिकारियों को रास नहीं आ रही कि दूसरे जोन के कमिश्नर को अधिकतम 4से 6 माह में हटाया जाता रहा है, यदि जोन कमिश्नर रंजना अग्रवाल से कार्यों से जनता संतुष्ट है तो किसी को क्या दिक्कत हो सकती है ?सिवाय, पार्षद को, क्योंकि नगर निगम चुनाव नजदीक है, ओर विकास कार्यों के नाम पर आगामी चुनाव के लिए फंड की व्यवस्था के साथ साथ जनता को जवाब भी देना है कि 5 साल पार्षद सोए रहे, अब चुनाव नजदीक आया तो विकास का ठीकरा जोन कमिश्नर पर फोड़ दो ?
गजब की राजनीति है !
बिलासपुर/ जोन कमिश्नर को हटाने की मांग,पार्षद बैठे धरने पर,
बिलासपुर/ गुरुवार को सकरी जोन क्रमांक 1 में आने वाले वार्डो के पार्षद जोन कमिश्नर को हटाने की मांग को लेकर विकास भवन के गेट के सामने धरने पर बैठ गए। वार्ड पार्षदों का कहना था की वार्ड में कई मूलभूत समस्याएं है, जिसका निराकरण करने जोन कमिश्नर को कई बार अवगत कराया जा चुका है। पर जोन कमिश्नर इस ओर ध्यान नहीं दे रही जिससे वार्ड पार्षदों में खासा आक्रोश है।
पार्षदों ने बताया की जोन कमिश्नर रजना अग्रवाल कोई भी काम नही करती है जिससे वार्ड के लोग जनप्रतिनिधि को ही खरी खोटी सुना रहे है। विकास भवन में धरने पर बैठे पार्षदों का कहना है की अधिकतर जोन कमिश्नर 4 से 6 महीने में बदल दिए जाते है, पर जोन क्रमांक 1 की जोन कमिश्नर रंजना अग्रवाल को क्यों नहीं हटाया जा रहा है जबकि उनकी शिकायत निगम कमिश्नर से भी की जा चुकी है। उन्होंने 10 दिन के अंदर जोन कमिश्नर को हटाने की बात कही थी पर ऐसा नहीं हुआ, जिसके बाद हम धरने पर बैठे है।
