मदकू द्वीप बनेगा 51क्षेत्रीय अलौकिक शक्तियों युक्त आध्यात्मिक केंद्र !
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दुर्लभ 51 अलौकिक शक्तियों का शक्ति स्थल बना “मनकू द्वीप” हरिहर मंदिर !
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इस सच को उजागर करने के पहले हम आपको अपनी जिंदगी का छत्तीसगढ़ के रतनपुर स्थित मां महामाया रानी जी की अलौकिक शक्ति के सच से अवगत कराते है कि,हिंदुओ के देश भर में अनेक प्रसिद्ध अलौकिक शक्तियो के शक्ति केंद्रों के अलावा क्षेत्रीय अलौकिक शक्ति देवियों की शक्तियां क्या है ?
हम बिलासपुर छत्तीसगढ़ का कभी रेलवे स्टेशन भी नहीं देखे थे,संयोग से अचानक 1फरवरी 1989 को एक ट्रांसपोर्ट व्यवसाय कार्य के सिलसिले में बिलासपुर आना हुआ तो हमारे पास कुछ भी नहीं था !
बिलासपुर में ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करते 3/4 साल हुए थे इन 3/4सालों में अत्यधिक उतार चढ़ाव रहे, बिलासपुर के बहुत सारे परिचित बातचीत में अक्सर कहते रहे कि, रतनपुर गए की नहीं ,?रतनपुर गए की नहीं ? हम लोगों के बार बार के सवालों से तंग आकर झुंझलाहट में रतनपुर मां महामाया की शरण में गए तो हमने माता रानी की शक्ति को ही चैलेंज कर दिया, कि, हे माता, बिलासपुर के बहुत से लोगों से सुना हूं आप सिद्ध शक्ति पीठ है अर्थात आपकी महिमा और इस क्षेत्र में आपकी उपस्थिति की वजह आप स्वयं में एक विशेष अलौकिक शक्ति है, सुने है ?यदि आप सच में कोई दैवीय अलौकिक शक्ति हो तो मुझे भी अपना आशीर्वाद प्रदान कर, मुझे बिलासपुर का स्थाई निवासी बना दीजिए, क्योंकि इससे पहले
व्यवसायिक सिलसिले में हम कई शहरों में भटक चुके थे, यहां तक कि हरिद्वार में ऑटो तक चला चुके थे,लेकिन कही ऐसी सफलता नहीं मिली कि जहां कमाए वहां के होकर रह जाए ऐसी परिस्थिति निर्मित हो ?
जब हमने रतनपुर मां महामाया रानी जी से ऐसा आवाहन किया और उनकी अलौकिक शक्ति को “मन्नत” के रूप में चैलेंज किया तो आगामी कुछ ही सालों में परिस्थितियां ऐसी निर्मित होने लगी कि आज हम बिलासपुर के स्थाई निवासी है और सब कुछ मंगलमय है !
मित्रो, छत्तीसगढ़ क्या ?सभी जगह स्थानीय अलौकिक शक्तियों की बहुत बड़ी ताकत है ?आपको कही जाने की जरूरत नहीं अपनी स्थानीय अलौकिक शक्तियों को पहचानने की जरूरत है ! जैसे, “मां काली माता” के बिना पश्चिम बंगाल की कल्पना करना भी बेमानी है !
आज भी पश्चिम बंगाल की रक्षक,पालनहार मां काली ही क्षेत्रीय अलौकिक शक्ति है!
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बिलासपुर से लगभग 35 किलोमीटर “मनकू द्वीप स्थित” हरिहर मंदिर में आगामी कुछ ही माह में आसपास के तीन जिलों में स्थित 51स्थानीय देवियों की अलौकिक शक्ति स्वरूप सभी 51 स्थानीय देवियों की चरण पादुका पदचिन्ह एक स्थान पर मनकू द्वीप स्थित हरिहर मंदिर में स्थापित होगी !
इस हेतु मंदिर में सेवक /संत श्री रामरूप दास महात्यागी सभी क्षेत्रीय अलौकिक शक्ति युक्त देवियों के विराजमान स्थित स्थल पर 51 चरण पादुकाओं को अलौकिक शक्ति युक्त करने भेजकर, लगातार 6 माह तक उक्त चरण पादुकाओं में सभी देवियों की पूजा अर्चना कर आध्यात्मिक आवाहन किया जाएगा कि इन चरण पादुकाओं में अपनी अलौकिक शक्ति समाहित करे तत्पश्चात इन सभी 51चरण पादुकाओं को मदकू द्वीप स्थित हरिहर मंदिर में एक जगह स्थापित कर सामूहिक ओर व्यापक शक्तियों का शक्ति केंद्र बनाया जाएगा, जिससे तीन जिलों के लोग एक ही स्थान पर इन सभी अलौकिक शक्ति युक्त शक्तियों की पूजा,सेवा,अर्चना,साधना एक जगह पर कर सके !
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सभी को अवगत कराना चाहेगे कि मदकू द्वीप स्थित हरिहर मंदिर में संत श्री रामरूप दास महात्यागी जी के अथक प्रयासों से ही हिंदुओ का यह धार्मिक,मंगलकारी,अलौकिक शक्ति युक्त क्षेत्रीय धार्मिक स्थल मदकू द्वीप विधर्मियो के कब्जे से सुरक्षित रह पाया है !
सभी हिंदुओ का कर्तव्य है कि
अधिक से अधिक इस अलौकिक शक्ति युक्त प्राकृतिक अध्यात्म केंद्र मदकू द्वीप में अपने धार्मिक कार्यों /कर्तव्यों को संपन्न करे !
ओर एक ही जगह पर सभी 51 क्षेत्रीय अलौकिक शक्ति युक्त देवियों का आशीर्वाद प्राप्त करे !




