कभी सामान्य वर्ग तो कभी आरक्षित वर्ग ? क्या ऐसा भी होता है ?

कभी सामान्य वर्ग तो कभी आरक्षित वर्ग ? क्या ऐसा भी होता है ?

कमाल है,ऐसा भी होता है ?कभी आरक्षित वर्ग तो कभी सामान्य वर्ग का कैसे हो जाता है कोई ?
:
अविभाजित मध्य प्रदेश के समय की बात है ?
कोतमा क्षेत्र में इंजीनियर के पद पर पदस्थ बिलासपुर निवासी ने एक ठेकेदार को फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर निपटा दिया !
उक्त इंजीनियर का एकमात्र उद्वेश्य जमकर भ्रष्टाचार करना था, सोचिए,उस समय में कितना वेतन रहा होगा कि उनके बच्चे विदेश में पढ़ते थे तो फिर करोड़ो की सेविंग हो कैसे गई ?
घरेलू पत्नी के नाम पर फर्जी आयकर रिटर्न भरकर अपनी भ्रष्टाचार की आय को पत्नी की आय बताकर खूब माल कमाया !ओर छत्तीसगढ़ बनने के बाद बिलासपुर में रहकर भ्रष्टाचार की दौलत का मजा लेने वाले उक्त इंजीनियर की भालूमाड़ा थाने की फाइल खोलने के पीछे अब एक RTI वर्कर लग गया है !
;
सामान्य वर्ग का होने के वावजूद, कही से आरक्षित वर्ग का प्रमाण पत्र बनवाकर जिस ठेकेदार को अपने भ्रष्टाचार के विरुद्ध चुप कराया, क्या सही में आजीवन आरक्षित वर्ग का बनकर शासकीय सेवा में रहकर सरकार को चुना लगाता रहा ? ओर समाज को,सामाजिक व्यवस्था को अंधेरे में रखा ?
सूत्र बताते है कि शायद यही वजह है कि,पांडे सरनेम के साथ सामाजिक कार्यक्रमों में हमेशा गुमसुम सा चुपचाप रहता है, किसी से बात नहीं करता कि कही कोई भेद न खुल जाए ?
लेकिन,असली भेद के दस्तावेज तो कोतमा थाने से खुलेगे ?जब उक्त सामान्य वर्ग के कथित व्यक्ति पांडे ने आरक्षित वर्ग का बनकर, आरक्षित वर्ग का फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर बेचारे ठेकेदार को अच्छे से निपटा दिया ! शायद,
समय अपनी पुनरावृति करता ही है ! अब देखना यह है कि असलियत है क्या है ?यह जांच का विषय है ?होने को तो कुछ भी हो सकता है ?बिलासपुर में पांडे बनकर सामाजिक व्यवस्था को,समाज को धोखा देकर, अमीरी के कारण अपने बच्चों की शादी (सूत्रों द्वारा उनके सिर्फ लड़के संतान बताई जा रही है ) सामान्य वर्ग में करने के उद्देश्य से पांडे बनकर शेष जीवन यापन कर रहा हो या फिर कोतमा में पदस्थापना के दौरान फर्जी तरीके से आरक्षित वर्ग का बनकर किसी ठेकेदार को ठिकाने लगाने मात्र के लिए फर्जी जाति प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया हो ? सब जांच पश्चात ही सच सामने आएगा !

india9907418774@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *