क्या सर्वाधिक महंगा न्याय करेगा,केरल वित विधेयक 2025 ?

क्या सर्वाधिक महंगा न्याय करेगा,केरल वित विधेयक 2025 ?

क्या केरल वित विधेयक 2025
करेगा, इंसाफ के दरवाजे बंद ?
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केरल बार एसोसिएशन,
25 अप्रैल को एक दिवसीय हड़ताल कर रही है ताकि जनता को सस्ता न्याय मिले ? जनहित के मामलों में विरोध करने वाली वकीलों की कुछ संस्थाएं मसलन इलाहाबाद हाईकोर्ट और अब केरल हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के साथ जनता को भी खड़ा होना ही चाहिए, वकील भी इसी सामाजिक व्यवस्था का हिस्सा है और यदि कोई वकील संघ जनता के हित में विरोध प्रदर्शन अथवा हड़ताल जैसे कदम उठाता है तो जनसमर्थन भी होना ही चाहिए !
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हालांकि, वकीलों की हड़ताल पर आजकल न्यायपालिका अत्यधिक सख्त रवैया अपना रही है ! फिर भी केरल हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सीजे को बताया कि जज चाहे तो उस दिन का उपयोग पेंडिंग निर्णय लिखने तथा जो फैसले सुरक्षित रख लिए है उन्हें लिखने में कार्यविधि का उपयोग कर सकते है !
मामला है, केरल वित विधेयक 2025 में न्याय शुल्क /कोर्ट फीस में 400% से 9900% की वृद्धि !
यानि अब सस्ते न्याय के दिन लदने वाले है, यदि न्यायालय में मुकदमा लड़ना है तो एकाध एकड़ जमीन बेचकर ही जाना होगा !
इस बेतहाशा वृद्धि से आम आदमी के लिए न्याय के दरवाजे बंद करने जैसा है ! यानि एक तो देशभर की न्यायपालिका न्याय डिलीवर करने में खुद को असहाय पाती है और दूसरी तरफ अब केरल सरकार द्वारा न्याय शुल्क में भारी भरकम बढ़ोतरी ! हम पूर्व में भी लिख चुके है कि
सभी सरकारों के पास ऐसी अफसरशाही है जो लगातार चिंतन मनन कर सत्ता को खुश करती रहती है कि आम आदमी की ऐसी कौन दिनचर्या बची है जिस पर टैक्स नहीं लगाया है या जिस पर टैक्स में बेतहाशा वृद्धि की जा सकती है, किसी भी सरकार ने ऐसी किसी अफसरशाही को नियुक्त ही नहीं किया जिसका मात्र ये काम हो कि जनता को बिना किसी अतिरिक्त सरकारी खर्च के कैसे लाभान्वित किया जा सके ?
अधिकांश सरकारों का एकमात्र फंडा है टैक्स वसूलों जनता के पैसे पर ऐश करो !
यदि कोई सुविधा सस्ती पा रही है जनता, या जनता को हम जो सुविधा नहीं दे पा रहे है ?
तो उसे इतनी महंगी कर दो कि लोग मांगना ही बंद कर दो, उसी तर्ज पर, ऐसा प्रतीत होता है कि अब
केरल सरकार के वित्त विधेयक 2025 के माध्यम से कोर्ट फीस के रूप में बेतहाशा वृद्धि कर लोगों के लिए न्याय मांगना एक दुश्वार /दुर्लभ विषय बना दिया है, भारत में दिक्कत यह हैं कि, एक राज्य की टैक्स /शुल्क वृद्धि को दूसरे राज्य की सरकारें इसी फार्मूले को तत्काल लपकती है !
डर यह भी है कि अन्य प्रदेशों की सरकारें भी अब इसी तरह कोर्ट फीस में वृद्धि करेगी ?
थोड़ा इंतजार कीजिए !

https://lawtrend.in/kerala-high-court-lawyers-strike-over-court-fee-hike/

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