निकम्मे सामाजिक पदाधिकारियों समाज को बचा लो,कुछ नहीं कर सकते तो सामाजिक बहिष्कार पद्धति को अपना लो ?
वान्या अग्रवाल बनी राष्ट्रीय /अंतराष्ट्रीय जिहादियों की “प्यारी”
मुझे कुछ कहने बताने,लिखने की जरूरत नहीं ये स्क्रीन शॉट स्वयं कहते है “कहानी”
वान्या अग्रवाल, जो माइक्रोसॉफ्ट मे एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थी और जिसे अब नौकरी से निकाल दिया गया है। इसने माइक्रोसॉफ्ट के मुख्यालय में कम्पनी की 50वें वर्षगांठ समारोह में बाधा डाली जिसमे सत्या नडेला, स्टीव बाल्मर और बिल गेट्स तीनों उपस्थिति थे। इसने उनपर इस्रायल को सहयोग करने का आरोप लगाया। उसने भरी सभा मे कहा कि “आप सभी को शर्म आनी चाहिए। आप सभी पाखंडी हैं। गाजा में 50,000 फिलिस्तीनियों की हत्या माइक्रोसॉफ्ट की तकनीक से की गई है। आपकी हिम्मत कैसे हुई। उनके खून पर जश्न मनाने के लिए आप सभी को शर्म आनी चाहिए। आप इजरायल से संबंध तोड़ लें।”
वानिया अग्रवाल जैसे लोग कश्मीर से अल्पसंख्यक हिंदुओं को निकालने के लिए कश्मीरी मुसलमानों के खिलाफ कभी एक शब्द नहीं बोलते ।ऐसे लोग पाकिस्तान द्वारा अपने हिंदू, सिख और ईसाई अल्पसंख्यकों के नरसंहार के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोलेंगे । ये बांग्लादेश द्वारा अल्पसंख्यक हिंदुओं और आदिवासी चकमाओं के नरसंहार का विरोध नहीं करेंगी। वो 7 अक्टूबर को फिलिस्तीनियों द्वारा मारे गए 1,200 निर्दोष नागरिकों के बारे में कभी एक शब्द भी नहीं कहेंगी।
वान्या अग्रवाल जैसी जिहादी प्रेमिकाएं मुगल कटरपंथियों के प्रमुख हथियार हैं।
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