क्या मोदी सरकार पूरा करेगी हिंदुओं की मांग ?
यह सवाल इसलिए अहम हो जाता है, क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता जिन विभिन्न मुद्दों पर आंकड़ों के साथ पूरी प्रमाणिकता के साथ सोशल मीडिया मंचों सहित न्यायालीन कार्यवाही में पूरी शिद्दत से लगे हुए है, जिनमें से एक राष्ट्रीय हित का महत्वपूर्ण मुद्दा है, कि, क्या वास्तव में मुस्लिम समुदाय अल्पसंख्यक है ? क्या जिन राज्यों में मुस्लिम समाज सहित अन्य कथित अल्पसंख्यक समुदाय के लोग मसलन,पंजाब में सिख समुदाय बहुसंख्यक है तो क्या राज्यों में अब अल्पसंख्यक समुदाय घोषित करने की राष्ट्रीय स्तर पर नीति को बदलकर राज्य स्तर पर राज्यवार अल्पसंख्यक समुदाय घोषित करने की जरूरत देश महसूस कर रहा है ! मीडिया सूत्रों के अनुसार सोशल मीडिया मंचों पर वायरल समाचार पत्र की कटिंग अनुसार क्या अब मोदी सरकार हिंदुओं सहित सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अश्विन उपाध्याय की दलीलों पर गंभीरता से काम कर रही है ओर अब राज्य वार अल्पसंख्यक समुदाय की गणना अनुसार अल्प संख्यक की परिभाषा राज्य स्तर पर तय करने की घोषणा केंद्र सरकार करेगी ? जो व्यापक राष्ट्रहित में होने के साथ साथ अल्पसंख्यक न होते भी अल्पसंख्यकों की नीतियों का विशेष लाभ जो लेते रहे है उनको वंचित होना पड़ेगा जिससे राजस्व तो बचेगा ही, सामाजिक व्यवस्था में सही न्याय भी होगा !
