भंडारों,कथाओं में उलझे हिंदुओं,ये खबर तो पढ़ लो ?
ये लोग जकात से मदद की आड में हिन्दू लड़कियों,महिलाओं,परिवारों के घरों के सेंध लगा रहे है ! ओर हिन्दू समुदाय कथाओं में,भंडारों में,सोने के मुकुट चढ़ाने में व्यस्त है ! हिन्दू समुदाय कलियुगी, 56 भोगी बाबाओं को 56 भोग खिलाकर खिलाकर मोक्ष ढूंढने में व्यस्त है !
आदरणीय कलेक्टर महोदय,
जिला रायपुर, छत्तीसगढ़
विषय = जकात फाउंडेशन के द्वारा अवैध रूप से स्कूलों के बालक बालिकाओं की शिक्षा प्रभावित करने के विषय में
महोदय सादर विनय के साथ आपको अवगत कराना चाहते है कि छत्तीसगढ़ जकात फाउंडेशन जो कि एक शुद्ध रूप से मुस्लिम ngo है जिसका उद्देश्य कैरियर काउंसलिंग के नाम पर हिंदू लड़का लड़कियों को धन तथा स्कॉलर शिप के नाम पर लालच देकर इस्लाम के प्रति झुकाव बढ़ाना तथा लव जिहाद तथा धर्मांतरण जैसे षड्यंत्रों की पूर्व पीठिका तैयार करना है क्योंकि इस्लाम में जकात शब्द का अर्थ अपने पंथ के कार्य को बढ़ाने के लिए दान देना होता है फिर उनका उद्देश्य पवित्र कैसे हो सकता है जकात का अर्थ है जिहाद के लिए दान देना धर्म परिवर्तन के लिए दान देना आतंक बाद के लिए दान देना फिर वह खुले आम किसी भी स्कूलों को बिना क्षात्रों के मात पिता की अनुमति के स्कूलों को सीधे कार्यक्रम में आने के लिए आग्रह या बाध्य कैसे कर सकते है इसके पीछे ओर कौन है इसकी भी जांच होनी चाहिए फिर जब माननीय जिलाधीश महोदय के मना करने के बाद भी जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा भी मना करने के बाद पहले शहीद स्मारक में कार्यक्रम की योजना थी फिर आनन फानन में मेकाहारा अटल सभागृह में बिना अनुमति के कार्य क्रम करने का साहस कहां से मिला इसकी भी जांच होनी चाहिए तथा जिन स्कूलों ने छात्रों की परीक्षा के समय इस प्रकार के षडयंत्र कारी कार्यक्रम में भेजा उनके खिलाफ भी दंडात्मक कार्यवाही करना चाहिए तथा आयोजन करने वाले संगठन के खिलाफ भी शक्त कदम उठाना चाहिए क्योंकि बिना अभिभावक की अनुमति के विद्यार्थियों की परीक्षा को प्रभावित करना एक दंडनीय अपराध हे
अतः महोदय से निवेदन है कि इस विषय की गंभीरता से जांच कर दोषी संगठन तथा दोषी विद्यालयों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करे ! आपका महानगर प्रमुख युवा आयाम-विश्वजीत पुरी गोस्वामी (मयंक गोस्वामी)
महानगर सुरक्षा समूह प्रमुख- विक्रांत शर्मा
हिंदू जागरण मंच
एवं जागरण सदस्यगण,रायपुर, छत्तीसगढ़ प्रांत
इस साजिश का एक कार्यक्रम तो हिन्दू संगठनों की वजह से भले ही रद्द हो गया हो ?लेकिन, जकात का उपयोग कितने सिस्टेमेटिक ढंग से सही उपयोग किया जा रहा है, ये अक्ल हिन्दू दानियों को आत्मसात करनी चाहिए ?






