हिंदुत्व को समर्पित कानूनविद विष्णु शंकर जैन का बिलासपुर में 25/8/24 को उद्बोधन सुनकर आत्मसात करने का सुअवसर !
बिलासपुर में दिनांक 25/8/24 को शाम ठीक 5 बजे सिम्स आडिटोरियम बिलासपुर में वन्दे मातरम् मित्र मंडल के सौजन्य से क्रांतिकारी विचारों से ओत प्रोत,हिंदुत्व को समर्पित देश के जाने माने कानूनविद सुप्रीम कोर्ट में वकील हिंदुओ के प्रेरणा स्रोत,सनातन धर्म और संस्कृति की अमूल्य धरोहर को बचाए रखने हेतु समर्पित श्री विष्णु शंकर जैन “हिन्दु धर्मः चुनौतियाँ और संभावनाएं “ पर हिंदुओ को मार्गदर्शन प्रदान करेगे !
उक्त कार्यक्रम के प्रायोजक बिलासपुर में विगत तीन वर्षो से सक्रिय वन्दे मातरम् मित्र मण्डल बिलासपुर है ! कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना क्षेत्र संघचालक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ करेंगे !
कार्यक्रम में नगर के प्रबुद्ध नागरिक, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक, समाज सेवा से जुड़े संगठन धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाएं, व्यवसायी सभी विष्णु शंकर को सुनने उत्सुक हैं। नगर के साथ-साथ दूसरे जिलों से भी विष्णु को सुनने लोग आयेगे !
अनेक संस्थाएं श्री विष्णु शंकर जैन के स्वागत की तैयारी कर रही है। हाईकोर्ट से 50 गाड़ियों का काफिला उनकी अगवानी करेगा, सिम्स चौक पर सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी के नेतृत्व में आतिशबाजी एवं पुष्प वृष्टि कर स्वागत किया जावेगा। सिम्स चौक से सिम्स आडिटोरियम तक रेड कार्पेट बिछाकर उनकी आगवानी की जायेगी। सभी के सहयोग से वन्दे मातरम् मित्र मण्डल के वर्तमान में लगभग 3000 सनातनीयो सदस्यों का समूह है, बिलासपुर में ज्ञापन देने में अग्रणी समूह के रूप में वन्दे मातरम् मित्र मंडल ने अपनी विशेष पहचान बनाई है, जिसमे संगठन की संख्या भले ही 3000 हो ? लेकिन, किसी भी धर्म प्रदर्शन आंदोलन में सक्रिय भूमिका के रूप में 100/150 लोगो से अधिक संख्या बल अमूनन नही देखा गया ! विशुद्ध रूप से मन, कर्म ,वचन से सनातनी योद्धा होना ओर सनातनी विचारधारा के होने की वजह से ओपचारिकता मात्र के लिए संगठन में संख्या बल के रूप में नाम तो दर्ज करा लेना, दोनो स्थितियों में बड़ा अन्तर देखने को मिलता है ?
अधिकांश सदस्यों की धरातल पर सक्रिय शून्य है ! जिस पर संगठन सहित सभी सनातनी सदस्यों को गहन चिंतन,आत्म मनन की जरूरत है ! फिर भी, सीमित संसाधनों के वावजूद, युवा सदस्यों के अभाव में वन्दे मातरम् मित्र मंडल द्वारा सामाजिक गतिविधियों में संलिप्तता काबिले तारीफ है,जिनमे,सफाई मित्रों का सम्मान, सफाई मित्रों के मुहल्ले हेमूनगर में हनुमान जी के भव्य मंदिर का निर्माण, मगरपारा चौक में स्थित भगवान विश्वकर्मा के द्वार के तोड़े जाने का विरोध स्वरूप आंदोलन, लव जेहाद में फंसी युवतियों को जिहादियों के चंगुल से छुड़ाने, धर्मान्तरण के विरोध में प्रदर्शन, जैन तीर्थ समवेत शिखर को बचाने आंदोलन, नवीन महादेवा हत्याकांड के विरोध में प्रदर्शन, कश्मीर फाइल, आर्टिकल 370, वीर सावरकर, द केरला स्टोरी जैसी फिल्में सामूहिक रूप से बहिन बेटियों को दिखाकर जन जागरण किया, इस तरह के प्रयास/कार्रवाई निरंतर जारी है।
प्रति सोमवार नगर के अनेक गार्डन जहां असामाजिक तत्वों ने कब्जा कर लिया है संभ्रात एवं माताओं बहनों ने वहां जाना बंद कर दिया है, ऐसे गार्डन को असामाजिक तत्वों से मुक्त कराने का अभियान जारी है।
हनुमान जयंती, राम नवमी जैसे धार्मिक उत्सव दलित बस्तियों में मनाना, दलित बस्तियों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करना, 57 साधुओं को दलित बस्तियों में भोजन कराना इत्यादि है ! अपने संगठन सदस्यों के साथ सामूहिक रूप से 6 धार्मिक यात्राएं जिनमें प्रमुख रूप से 54 सनातनीयो के साथ अयोध्या काशी एवं 103 सनातनीयो के साथ सिन्धु दर्शन यात्रा प्रमुख है !
युवा सदस्यों के अभाव में वन्दे मातरम् मित्र मंडल को सीनियर सिटीजन संघ कहना उचित होगा, जो, सीनियर सिटीजन वर्तमान युवा पीढ़ी की अमूल्य धरोहर और जीवन के अमूल्य अनुभवों से लबालब होने के वावजूद बिलासपुर की सनातनी युवा पीढ़ी वन्दे मातरम् मित्र मंडल जैसे संगठन को अनदेखा कर बड़ी भूल कर रही है ! युवाओं की सहभागिता के अभाव में वन्दे मातरम् मित्र मंडल, ज्ञापन संघ के रूप में अधिक जाना जाता है ! वन्दे मातरम् मित्र मंडल को युवा सनातनीयो को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ने की योजना पर काम करना होगा,ताकि विरासत में एक मजबूत संगठन के रूप हिंदुओ को युवाओं का नेतृत्व मिले ?
अन्य हिंदूवादी संगठनों की तरह वन्दे मातरम् मित्र मंडल भी “अपनी डफली अपनी राग” के साथ आगे बढ़ रहा है,जो कि, हिंदुओ की, सभी हिन्दूवादी संगठनों की बड़ी कमजोरी है,जिसके लिए सभी हिंदूवादी संगठनों को एक मंच पर आने की जरूरत है तथा बिलासपुर सहित देशभर के कम संख्या बल वाले छोट्टे छोटे संगठनों को एक मंच पर आकर “महासंघ” बनाने पर प्रयास करना चाहिए !
दिशा हीन,उद्देश्य विहीन,स्टिक प्रभावी प्लानिंग विहीन,व्यवस्था विहीन संगठन कोई भी हो ? अपने किसी कार्यक्रम को सफल बना भी लेते हो तो भी हिंदुओ के लिए यह आम धारणा बनी रहेगी कि सभी अलग अलग छोटे छोटे हिंदूवादी संगठन ही संगठित नही है तो हिंदुओ के लिए सुरक्षात्मक,रक्षात्मक ढांचा तैयार होगा कैसे ?
अधिकांश हिंदूवादी संगठनों का कोई स्थाई उद्देश्य नही है, ओर कुछ लोग अपने स्थाई एजेंडे पर काम करते भी है तो दूसरे संगठनों से अपेक्षित सहयोग मिलता नही है, किसी भी संगठन का छत्रप यदि छपास रोगी है तो समझो, संगठन के उद्देश्यों का पतीला लगना लाजिमी है ! अभी कुछ दिन पहले,एक संगठन के छत्रप द्वारा रीवर व्यू पर आयोजित कार्यक्रम में यह कहकर फोटो खिंचवाने से मना कर दिया कि मैं और मेरे संगठन के लोग इस आयोजन में सहभागिता करने आए जरूर है,लेकिन मेरा काम दूसरा है,फोटो खिंचवाना नही ! क्या इतने सारे अन्य सभी छोटे छोटे संगठनो के छत्रप इस विषय पर विचार करेगे कि, हिंदुओ के हितार्थ धरना, प्रदर्शन,ज्ञापन किसी भी संगठन द्वारा प्रायोजित हो?सहभागिता सभी की हो ?
“सत्ता से सवाल” की अपील !
दिनांक 25/08/24 दिन रविवार को शाम को ठीक 5बजे, सिम्स आडिटोरियम बिलासपुर में श्री विष्णु शंकर जैन जी की गरिमामयी उपस्थिति में अपने सभी परिजनों, मित्रो सहित शामिल होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाए तथा श्री विष्णु शंकर जैन जी के अमूल्य मार्गदर्शन को आत्मसात कर सनातन को मजबूत और जिहादियों के अनेक प्रकार के जिहाद को विफल करने में तन, मन,धन, बॉम्ब से जुट जाए !


