कौन सा घर चाहिये ?फैसला आपका ?
जुआ / सट्टा /लॉटरी खिलाने वाला कभी गरीब या घाटे में नही होता है ?
गांजा बेचने वाला कभी खुद नही पीता है ?
कहावत तो ये भी है कि हलावाई कभी अपनी दुकान की मिठाई नही खाता है !
होटल वाला कभी अपने होटल का खाना नही खाता है वो अपना खुद का भोजन अपने घर से ही मंगवाता है ,!
कुछ यही स्थिति शराब बेचने वाले की है,बेचने वाला खुद नही पीता है ! शराब बेचने वाले का घर हमेशा शानदार बंगला होता है !ओर शराब पीने वालो का घर झोपड़ी में तब्दील हो जाता है ?
फैसला आपका, चुनाव आपका, मर्जी आपकी,
व्यापक जनहित में जारी !
