क्या करोड़ो हिन्दू सेक्यूलरों की भी यही तैयारी है ?

क्या करोड़ो हिन्दू सेक्यूलरों की भी यही तैयारी है ?

बिलासपुर में प्रकाशित सार्वजनिक सूचना तो मात्र नमूना भर है !

देशभर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में ईसाई बन रहे है ! भले ही इस्लाम स्वीकार करने वालो की संख्या कम हो ?लेकिन, पायजामा पहनने को करोड़ो सेक्युलर हिन्दू तैयार बैठे है !

हिंदुओ की, हिन्दू संगठनों की आम शिकायत के अनुरूप हिन्दू क्यों नहीं हो रहा संगठित ? उसकी एक बड़ी वजह ये पेपर प्रकाशन में दिया गया विवरण भी है, ये तो अत्यधिक साहसी होगा ?या होगी कानूनी मजबूरी की दस्तावेजों में नाम सुधरवाना होगा, अन्यथा बिना आम सूचना प्रकाशन के तो पता नहीं कितने पायजामा पहन चुके ?

:

क्या फिर से घटते घटते हिंदुओ की संख्या घट जायेगी ? ओर हिन्दू मात्र कुछ ही हिन्दू बाहुल्य राज्यों में सिमटकर रह जायेगा ? विचारणीय,

:

दूसरी तरफ कारणो पर कोई भी हिंदूवादी संगठन चिंतन, मनन करने को तैयार नहीं, सिर्फ धर्म के नाम पर हिंदुओ को संगठित करना आसान नहीं !

एक सेक्युलर हिन्दू ईसाई या मुस्लिम बनता है तो उसे कई तरह के सामाजिक,आर्थिक,राजनीतिक प्रश्रय मिलने शुरू हो जाते है !

सेक्यूलर हिंदुओ से व्यक्तिगत बातचीत में भी यह सच निकल कर आया कि हिन्दू बने रहने में क्या मिलता है ?क्यों कोई हिन्दू यह महसूस करेगा कि “हिन्दू हिन्दू भाई भाई” इस सवाल का जवाब किसी भी हिंदूवादी संगठन के पास नहीं !

india9907418774@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *