सीमांकन के खेल में दशकों पुरानी काबिज जमीन हड़पने का खेल ?
बिलासपुर : सूत्र बताते है कि, राजस्व नियमों के तहत 12 वर्षों से अधिक पुराने मामलों में न तो नामांतरण प्रक्रिया करना आसान है और न ही किसी आपत्ति पर विचार किया जाना मुनासिब समझा जाता है ! कई दशकों पुराने मिशेल को निकाल कर किसी जमीन को विवादित बना देना ?कहा तक उचित है ? जबकि, आसपास के मोहल्ले वाले स्थाई निवासी इस बात के गवाह है कि, हरि रमानी परिवार पिछले कई दशकों से न केवल काबिज है बल्कि,विधिवत नगर निगम से नक्शा पास कराकर निर्माण कर काबिज चले आ रहे है !
भूमाफिया सहित फर्जी वकील,जमीन दलाल शिव प्रसाद साव सहित पत्रकारिता के दबाव में गलत सीमांकन से राजस्व अधिकारियों पर आरोपों के कॉकटल ने वास्तविक भूस्वामी हरि रमानी परिवार के मालिकाना ओर काबिज भूमि में अनावश्यक दखल देकर शांति पूर्वक जीवनयापन में बैठे बिठाए खलल पैदा किया है !
आज पुन: हरी रमानी परिवार ने थाना सीटी कोतवाली में लिखित आवेदन देकर फर्जी वकील निलेंद्र सोनी के खिलाफ अपराधिक कार्यवाही की गुहार लगाई है !
तर्क संगत बिंदु यह भी है कि वास्तविक भूस्वामी परिवार हरी रमानी परिवार के अलावा किसी भी अन्य भी अन्य व्यक्ति या तथाकथित जमीन दलाल शिव प्रसाद साव को सीमांकन कराने या सीमांकन हेतु तहसील में आवेदन देने का कानूनी अधिकार ही नहीं है तो तहसीलदार को सीमांकन आदेश देने से पहले भूस्वामी दस्तावेजों की जांच तो करनी चाहिए थी !
हरी रमानी परिवार को होने वाली संभावित अपूर्णीय क्षति के लिए पूर्ण रूप से तथाकथित फर्जी वकील,भूमाफिया उर्फ जमीन दलाल के गठजोड़ द्वारा गलत सीमांकन करवाकर हरि रमानी परिवार के खिलाफ उनकी संपति हड़पने की गहरी साजिश रची जा रही है ?
हरी रमानी परिवार के अनुसार इनके पास अपनी भूस्वामी होने के समस्त दस्तावेज होने के साथ साथ इनका स्थाई मालिकाना हक अधिकार साबित होने के पर्याप्त दस्तावेज है जिसमें निर्माण हेतु विधिवत नगर निगम से पास नक्शा, रजिस्ट्री दस्तावेज जो कि टाइटल के सर्व मान्य कानूनी दस्तावेज है हरी रमानी परिवार के पास है !
प्रशासन को चाहिए कि,फर्जी वकील सहित जमीन दलाल शिव प्रसाद साव के खिलाफ कार्यवाही करते हुए हाई लेवल पर निष्पक्ष जांच की जाए !


