पीड़िता का गंभीर आरोप,कोई मुस्लिम करता तो लव जिहाद ?
बिलासपुर : बिलासपुर के हिन्दू संगठनों सहित सामाजिक पदाधिकारियों की भूमिका संदिग्ध नजर आती है ! रेप आरोप में गिरफ्तार राजीव शर्मा द्वारा पीड़िता द्वारा मीडिया के सामने स्पष्ट आरोप लगाए गए है, हिन्दू संगठनों की आड में साम्प्रदायिकता की राजनीति करने वालों के लिए कहा है कि यदि ऐसी ही घटना किसी मुस्लिम ने की होती तो लव जिहाद का नाम देकर अभी तक हिन्दू संगठनों सहित सामाजिक संगठनों के लोग सड़कों पर होते ?
गिरफ्तार राजीव शर्मा के भाइयों द्वारा राजीव शर्मा की गिरफ्तारी पश्चात पीड़िता को डराने धमकाने के स्पष्ट आरोप लगाते हुए पीड़िता ने अपनी जान का खतरा बताया है ! पीड़िता के गंभीर आरोपों में राजीव शर्मा के पास से अवैध पिस्टल की बरामदगी भी शेष है ! पीड़िता के समर्थन में प्रत्यक्षदर्शी गवाह का दावा है कि राजीव शर्मा द्वारा पीड़िता को पिस्टल की नोक पर धमकाते उन्होंने खुद देखा है ! तो सवाल उठता है कि वो पिस्टल है कहा ? अभी तक बरामद क्यों नहीं की गई ?
सूत्र बताते है कि, राजीव शर्मा हिन्दू संगठन की आड में शीघ्र पॉपुलर होने के लिए अन्य हिन्दू संगठनों के लोगों की लाइन छोटी करना शुरू कर दिया था ! राजीव शर्मा ने अपने विरोधियों को निपटाने के लिए शकुनी जैसी साजिश रचना जैसे ही शुरू किया हिन्दू संगठनों में ही राजीव शर्मा के विरोधियों की संख्या बढ़ती गई ! जिनको राजीव शर्मा आज भी अपना हितैषी समझता है वो लोग राजीव शर्मा की गिरफ्तारी पर खुशी मनाते हुए पार्टी आयोजित कर रहे है ! राजीव शर्मा के साथ वाले लोगों ने लोकप्रियता में अपनी लाइन छोटी होते देख,पीड़िता का साथ देना ही उचित समझा ? राजीव शर्मा ने अपने इर्द गिर्द फर्जी शुभचिंतकों,चापलूस लोगों की फौज तैयार किया ? जिसकी परिणीति यह हुई कि राजीव शर्मा ने अपने असली शुभचिंतकों से दूर होता गया ! अन्यथा कथित पीड़िता द्वारा राजीव शर्मा की शिकायत तो पहले भी कई बार हुई थी ? लेकिन हर बार राजीव शर्मा के असली वाले शुभचिंतकों ने मामले में समझौता करवाकर रफा दफा किया, इससे राजीव शर्मा खुद को अहंकार में ऐसा अजेय समझने की भूल कर बैठा कि पीड़िता को खुली धमकी देने लगा कि मैं राजीव शर्मा हूं मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता !, जबकि सच यह बिल्कुल नहीं था कि राजीव शर्मा खुद में कोई पदीय ताकतवर है, राजीव शर्मा सहित उन सभी हिंदुओं की एकमात्र ताकत है सभी हिंदुओं को साथ लेकर चलना ! संगठित रहकर रहना !, अकेला चलो और अपने ही साथियों को निपटाते चलो की नीति राजीव शर्मा की सबसे बड़ी असफलता है !,
